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NHRC मानवाधिकार फोटोग्राफी प्रतियोगिता 2024

NHRC मानवाधिकार फोटोग्राफी प्रतियोगिता 2024
प्रारंभ तिथि :
Jun 07, 2024
अंतिम तिथि :
Jul 07, 2024
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी नेशनल ह्यूमन राइट कमिशन (NHRC), भारत की स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम (PHRA), 1993 के तहत मानव अधिकारों के प्रचार और सुरक्षा के साथ-साथ देश में जागरूकता पैदा करने के लिए एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी नेशनल ह्यूमन राइट कमिशन (NHRC), भारत की स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम (PHRA), 1993 के तहत मानव अधिकारों के प्रचार और सुरक्षा के साथ-साथ देश में जागरूकता पैदा करने के लिए एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी।
इस आयोग में अध्यक्ष और पांच सदस्य होते हैं, जिनमें एक महिला सदस्य भी शामिल है। इसे कानून, जांच, अनुसंधान, प्रशिक्षण और प्रशासन के पांच महत्वपूर्ण प्रभागों द्वारा इसके कामकाज में सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता वाले सचिवालय के हिस्से के रूप में विशेषज्ञ अधिकारी होते हैं।

NHRC, भारत, पेरिस सिद्धांतों के अनुरूप है, जिसे अक्टूबर 1991 में पेरिस में आयोजित मानव अधिकारों के प्रचार और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय संस्थानों पर पहली अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनाया गया था और 20 दिसंबर, 1993 के विनियम 48/134 द्वारा संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा इसका समर्थन किया गया था।

NHRC अपने संविधान के अनुरूप मानव अधिकारों के संवर्धन और सुरक्षा के लिए भारत की चिंता का मूर्त रूप है।
PHRA की धारा 2 (1) (d) मानव अधिकारों को संविधान द्वारा गारंटीकृत या अंतर्राष्ट्रीय वाचाओं में समाहित और भारत में अदालतों द्वारा लागू किए जाने योग्य व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा से संबंधित अधिकारों के रूप में परिभाषित करती है।

इस आयोग के कार्यों के बारें में अधिनियम के अनुभाग 12 में बताया गया हैं। किसी लोक सेवक द्वारा इस तरह के उल्लंघन की रोकथाम में लापरवाही के कारण मानव अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों के बारे में पूछताछ और राहत की सिफारिश करने के अलावा, आयोग अपने सलाहकारों, शिविर बैठकों, मौके पर पूछताछ के लिए जाना, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, वर्कशॉप, सेमिनार, सम्मेलन, शोध, मीडिया से जुड़ाव, सोशल मीडिया, न्यूज़लेटर और प्रकाशनों के ज़रिए मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता भी फैलाता है।

इसमें कई 'मुख्य समूह' हैं जिनमें विषय विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी और मानव अधिकारों से संबंधित विभिन्न विषयगत मुद्दों पर सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि शामिल हैं। आयोग के पास स्पेशल प्रतिवेदकों और विशेष निरीक्षकों की एक बहुत मजबूत व्यवस्था भी है, जो जमीनी स्तर पर पर मानव अधिकारों की स्थिति का आकलन करने और सुधार के लिए ज़रूरी सुझाव देने के लिए आयोग को रिपोर्ट करने के लिए अलग-अलग आश्रय गृहों, पर्यवेक्षण गृहों, वृद्धाश्रमों, जेलों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और ऐसी ही अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का दौरा करते हैं। यह मानव अधिकारों पर संधियों और अंतर्राष्ट्रीय साधनों का अध्ययन करते हैं और सरकार को उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सुझाव देते हैं।

NHRC, भारत राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं के वैश्विक गठबंधन, GANHRI द्वारा मान्यता प्राप्त 'A' दर्जे का NHRI है और यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में NHRI के एशिया पैसिफिक फोरम का संस्थापक सदस्य है। इसे मानव अधिकारों से संबंधित चिंताओं पर वैश्विक मंचों पर अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए भी जाना जाता है। सितंबर, 2023 में इसने एशिया प्रशांत के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों (NHRI) के एक सम्मेलन और व्यापार और मानव अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भी किया था।

आयोग मानव अधिकारों की वकालत के लिए आम तौर पर लोगों के साथ बातचीत भी करता है। 2015 से मानव अधिकारों पर इसकी वार्षिक लघु फ़िल्म प्रतियोगिता, लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं, पेंटिंग, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएं ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण आयोजन हैं। मानव अधिकारों पर यह ऑनलाइन फ़ोटोग्राफ़ी प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक प्रयास है।

आयोग के पास जागरूकता के उद्देश्य से मानव अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर पुरस्कार-विजेता की तस्वीरों का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा। इन्हें आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

यह गतिविधि माईगव के सहयोग से आयोजित की गई है।

प्रतियोगिता के विषय इस प्रकार हैंः
बाल श्रम
निराश्रित बुजुर्गों की चुनौतियाँ
पृथ्वी ग्रह पर जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय खतरे
भारतीय विविधता में मानव अधिकारों और मूल्यों की सराहना करना
लैंगिक समानता की सराहना करना
जीवन और जीवन स्तर में सुधार के लिए विकास पहल
LGBTQI+ जीवन, अधिकार और चुनौतियाँ
महिलाएँ (अधिकार, चुनौतियाँ, राष्ट्र के विकास में उनका योगदान)
भिखारी
विकलांगता (अधिकार, चुनौतियाँ, उपलब्धियाँ)

नकद पुरस्कार इस प्रकार हैंः
पहला पुरस्कार 15,000/-
दूसरा पुरस्कार 10,000/-
तृतीय पुरस्कार 5,000/-
प्रत्येक के लिए 2,000/- रु. के 7 सांत्वना पुरस्कार

NHRC इंडिया से संबंधित किसी भी चिंता के लिए कृपया यहां विज़िट करें : https://nhrc.nic.in/

यहां क्लिक करें नियमों और शर्तों के लिए (PDF 160KB)

इस कार्य के अंतर्गत प्रस्तुतियाँ
491
कुल
96
स्वीकृत
395
समीक्षा के तहत
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