Shailesh Kumar Pathak
10 years 7 months ago
विज्ञान के पाठ्यक्रम में प्रायोगिक कार्य छात्र के सैद्धांतिक पाठ्यक्रम से ही कराये जाना चाहिए |अभी दोनों में कोई तालमेल न होने के कारण अधिकांशतः बच्चे प्रायोगिक कार्य के महत्व से वंचित रह जाते हैं |विद्यालयों में भी इस कारण प्रायोगिक कार्य पर प्रयास कम ही किये जाते हैं |सैद्धांतिक पाठ्यक्रम को जब प्रयोग के सहारे समझाया जाएगा तब छात्र रूचि के साथ अपने विषय को समझेंगे और आगे चलकर नयी खोजों की ओर अग्रसर होंगे |
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