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Inviting Ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat on 31st May, 2020

Start Date :
May 12, 2020
Last Date :
May 30, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

PM Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on themes and issues that matter to you. The Prime Minister invites you to share your ideas on topics he should address on ...

PM Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on themes and issues that matter to you. The Prime Minister invites you to share your ideas on topics he should address on the 65th Episode of Mann Ki Baat.

Send us your suggestions on the themes or issues you want the Prime Minister to speak about in the upcoming Mann Ki Baat episode. Share your views in this Open Forum or alternatively you can also dial the toll-free number 1800-11-7800 and record your message for the Prime Minister in either Hindi or English. Some of the recorded messages may become part of the broadcast.

You can also give a missed call on 1922 and follow the link received in SMS to directly give your suggestions to the Prime Minister.

And stay tuned to Mann Ki Baat at 11:00 AM on 31st May, 2020

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Showing 14224 Submission(s)
Kalu Ram
Kalu Ram 5 years 11 months ago
नमस्ते गुरुजी प्रणाम इस समय 5g के सारे इकउपमेंट हमे चाइना से खरीदने पड़ेंगे क्यों ना हम खुद 5g के इक्विपमेंट भारत में बनाए ओर बाकी सारे यूरोप देशों को बेचे. इस से हमारे देश में नौकरियां बढ़ेगी. हमारा देश आर्थिक रूप से काफी मजबूत हो जाएगा आपकी सरकार ये कर सकती ओर मुझे विश्वाश है कि आप ये करके दिखाएंगे. इस बात को थोड़ा गंभीरता से लेना गुरुजी Made in India.
Vishal Agrawal_10
Vishal Agrawal_10 5 years 11 months ago
सभी निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों को ९ घंटे की नौकरी करनी रहती है [कईयों को तो १२ घंटे की नौकरी करनी पड़ती है, ३६५ दिनों में एक भी कायदे से छुट्टी नहीं मिलती]। उस वजह से भारत के सामाजिक जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और परिवार को समय नहीं दे पाते है। ज़्यादातर कंपनियां यहीं बात का फ़ायदा उठाकर आंशिक कर्मचारियों से संपूर्ण कार्य करवा कर वेतन का ख़र्चा बचाती है। जिससे जीवन में तनाव बढ़ता है और समाज में बेरोजगारी भी बढ़ती है। कृपया निजी क्षेत्र की कंपनियों का नौकरी का समय भी बकायदा ८ घंटे का करे।
Vishal Agrawal_10
Vishal Agrawal_10 5 years 11 months ago
सभी निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों को ९ घंटे की नौकरी करनी रहती है [कईयों को तो १२ घंटे की नौकरी करनी पड़ती है, ३६५ दिनों में एक भी कायदे से छुट्टी नहीं मिलती]। उस वजह से भारत के सामाजिक जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और परिवार को समय नहीं दे पाते है। ज़्यादातर कंपनियां यहीं बात का फ़ायदा उठाकर आंशिक कर्मचारियों से संपूर्ण कार्य करवा कर वेतन का ख़र्चा बचाती है। जिससे जीवन में तनाव बढ़ता है और समाज में बेरोजगारी भी बढ़ती है। कृपया निजी क्षेत्र की कंपनियों का नौकरी का समय भी बकायदा ८ घंटे का करे।
Vishal Agrawal_10
Vishal Agrawal_10 5 years 11 months ago
सभी निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों को ९ घंटे की नौकरी करनी रहती है [कईयों को तो १२ घंटे की नौकरी करनी पड़ती है, ३६५ दिनों में एक भी कायदे से छुट्टी नहीं मिलती]। उस वजह से भारत के सामाजिक जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और परिवार को समय नहीं दे पाते है। ज़्यादातर कंपनियां यहीं बात का फ़ायदा उठाकर आंशिक कर्मचारियों से संपूर्ण कार्य करवा कर वेतन का ख़र्चा बचाती है। जिससे जीवन में तनाव बढ़ता है और समाज में बेरोजगारी भी बढ़ती है। कृपया निजी क्षेत्र की कंपनियों का नौकरी का समय भी बकायदा ८ घंटे का करे।
Vishal Agrawal_10
Vishal Agrawal_10 5 years 11 months ago
सभी निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों को ९ घंटे की नौकरी करनी रहती है [कईयों को तो १२ घंटे की नौकरी करनी पड़ती है, ३६५ दिनों में एक भी कायदे से छुट्टी नहीं मिलती]। उस वजह से भारत के सामाजिक जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और परिवार को समय नहीं दे पाते है। ज़्यादातर कंपनियां यहीं बात का फ़ायदा उठाकर आंशिक कर्मचारियों से संपूर्ण कार्य करवा कर वेतन का ख़र्चा बचाती है। जिससे जीवन में तनाव बढ़ता है और समाज में बेरोजगारी भी बढ़ती है। कृपया निजी क्षेत्र की कंपनियों का नौकरी का समय भी बकायदा ८ घंटे का करे।
Vishal Agrawal_10
Vishal Agrawal_10 5 years 11 months ago
सभी निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों को ९ घंटे की नौकरी करनी रहती है [कईयों को तो १२ घंटे की नौकरी करनी पड़ती है, ३६५ दिनों में एक भी कायदे से छुट्टी नहीं मिलती]। उस वजह से भारत के सामाजिक जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और परिवार को समय नहीं दे पाते है। ज़्यादातर कंपनियां यहीं बात का फ़ायदा उठाकर आंशिक कर्मचारियों से संपूर्ण कार्य करवा कर वेतन का ख़र्चा बचाती है। जिससे जीवन में तनाव बढ़ता है और समाज में बेरोजगारी भी बढ़ती है। कृपया निजी क्षेत्र की कंपनियों का नौकरी का समय भी बकायदा ८ घंटे का करे।